Thursday, March 18, 2010

Desire from the bottom of heart...

पास आती नहीं हो, दूर से ही जलाती हो
अदायें हज़ार करती हो, ओठों को दबाती नहीं हो
ये प्यार भी कोई प्यार है जिसमे तड़प के सिवा कुछ न हो..
अपनी मुस्कान से दुखाती हो, क्या ये भी कोई प्यार है..

१. दिल में उठती है इक हसरत, बाहों में तुमको पाने की
इंतजार है उस लहर का, जो आसमां छू ले
चरण छू ले, सर भिगो दे, आहलादित करे अपनी नाद से
कभी तो खुल के मिलो, झिझक के परदों को खोलो
रातों की नीदे छीन लीं, अपनी एक कुटिल मुस्कान से
कभी तो प्यार से चूम लो, बाँहों में अपनी झूम लो

२. जिंदगी के पल ये शायद, आये न कभी फिर लौट के
कोई तो पहचान दे दो प्यार के इस, हँसी जज्बात को
जिन्दगी है तनहा अकेली, साथ दे दो कुछ कदम तक
इस जनम तक तुमको चाहें, तुम ही हो मेरी सहेली
तुम ही मेरी पहली चाहत, ख्वाहिश की यही आखिरी हो
फिर न किसी अजनबी से मेरी कोई पहचान हो

३. कोई हवा का जाता झोंका, दिल को मेरे चीर गया
आह भी निकलती नहीं है, दर्द ऐसा दे गया
ये प्यार भी कोई प्यार है, जिसमें तड़प के सिवा कुछ न हो
अदायें हज़ार करती हो, ओठों को दबाती नहीं हो
पास आती नहीं हो, दूर से ही जलाती हो...

Friday, May 2, 2008

Welcome to the blog, that peeps inside the heart

Hey friends,

Feeling in psychology is referred for the conscious subjective experience of the emotions. While working, sleeping, even taking food the feelings are with us. Our feelings are a natural response to our thoughts and intentions. We don’t really choose our feelings directly. Our feelings are a feedback mechanism that come to our mind for a particular action with which our association is oriented at the time of instance.